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जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना

जुग - जुग जिओ री यशोदा मैया जुग - जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना॥ बड़भागिन तू मातु यशोदा ऐसो सुत तैनै जायो। पूरण ब्रह्म जगत को स्वामी सो तैनै गोद खिलायो॥ ताको डार झुलावै पलना॥ तेरो ........ धन्य घड़ी जय होय यशोदा मैया कहकर बोले। नूपुर बाँधि दोऊ चरणन में घुटुवन - घुटुवन डोले॥ पकड़ै बाबा की उँगुरिया॥ तेरो ........ बड़ी दूर से दर्शन करने भोले बाबा आयो॥     मेरो इष्ट जगत को स्वामी, तैंने गोद खिलायो॥ जाके दरश बिना मोहि कल ना॥ तेरो ........ जो माँगै सोई ले - ले बाबा भोजन साज जुटाऊँ॥ तेरो वेष देख डरपैगौ बालक नाँय दिखाऊँ॥ मेरौ छोटौ सो ललनवा सोवै पलना॥ तेरो ........ माया काल डरै जाके डर भगतन को हितकारी। अपने   लाल   को मरम न जाने तू भोली महतारी॥ जगमें नाहै याकी तुलना॥ तेरो ........ जुग - जुग जिओ री यशोदा मैया जुग - जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना॥

तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी

  तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी , सभी कह रही ब्रज की गोरी मुरारी॥   आनंदकंद , अरे ब्रज के चंदा , दरस को तरसती चकोरी तुम्हारी॥ तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी , सभी कह रही ब्रज की गोरी मुरारी॥   छबीले लाला , छैल नटराज हो तुम , बनी है किशोरी से जोड़ी तुम्हारी॥ तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी , सभी कह रही ब्रज की गोरी मुरारी॥   चपल चतुराई में हो सिरमौर सबके , सबसे निराली है लीला तुम्हारी॥ तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी , सभी कह रही ब्रज की गोरी मुरारी॥   नचाओगे वैसे ही नाचेंगे गिरिवर , तुम्हारे ही हाथों में डोरी हमारी॥ तुम ही ने करी मन की चोरी हमारी , सभी कह रही ब्रज की गोरी मुरारी॥   बोलो वृंदावन बिहारी लाल की जय !

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

  अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । नाम जपते चलो काम करते चलो, हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । याद आएगी उनको कभी ना कभी, कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

होली खेल रहयो नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में,

  होली खेल रहयो नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में , मथुरा की कुंज गलिन में गोकुल की कुंज गलीन में , होली खेल रहे नंदलाल ....   या रंग भरी पिचकारी माहरे सारा ऊपर मारी , ओजी सारोने कर दियो लाल मथुरा की कुंज गलिन में ,   या रंग भरी पिचकारी माहरे मुखड़ा ऊपर मारी , ओजी मुखड़ा ने कर दियो लाल मथुरा की कुंज गलिन में ,   या रंग भरी पिचकारी माहरे अंगिया ऊपर मारी , ओजी अंगिया ने कर दियो लाल मथुरा की कुंज गलिन में ,   या रंग भरी पिचकारी माहरे पगलिया ऊपर मारी , ओजी पगलिया ने कर दियो लाल मथुरा की कुंज गलिन में ,   यहां चन्द्रसखी निजगावे चरना मैं सीष नवावे , ओजी महारो बेड़ो लगा दयो पार मथुरा की कुंज गलिन में ,

एक दिन वो भोले भंडारी

एक दिन वो भोले भंडारी, बन कर ब्रज की नारी, गोकुल में आ गए । पार्वती जी मना के हारी, ना माने त्रिपुरारी, गोकुल में आ गए ।। पार्वती से बोले स्वामी, मैं भी चलूँगा तेरे साथ में। राधा संग श्याम नाचे, मैं भी नाचूँगा तेरे साथ में। रास रचेगा ब्रज में भारी, हमें दिखाओ प्यारी, गोकुल में आ गए।। ओ मेरे भोले स्वामी, कैसे ले जाऊँ अपने साथ में। मोहन के सिवा वहाँ, दूजा ना कोई इस रास में। हँसी करेगी ब्रज की नारी, मानो बात हमारी, गोकुल में आ गए।। ऐसा बना दो मुझको, कोई ना जाने इस राज को। मैं हूँ सहेली तेरी, ऐसा बताना ब्रजराज को। बना के जुड़ा, पहन के साड़ी, चाल चले मतवाली, गोकुल में आ गए।। हँस के सती ने कहा, बलिहारी जाऊँ इस रूप पे। इक दिन तुम्हारे लिए, आए मुरारी इस रूप में। मोहिनी रूप बनाया मुरारी, अब है तुम्हारी बारी, गोकुल में आ गए।। देखा मोहन ने जब, समझ गए वो सारी बात रे। ऐसी बजाई बंसी, सुध-बुध भूले भोलेनाथ रे। सिरक गई जब सर से चुनरी, मुस्काए गिरधारी, गोकुल में आ गए।। दीनदयालु तेरा तब से, गोपेश्वर हुआ नाम रे। ओ भोले बाबा तेरा, वृंदावन में बना धाम रे। ताराचंद कहे त्रिपुरारी, रखियो लाज हमारी, गोकुल में आ...

राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे। (Radha Ko Naam Anmol Bolo Radhe Radhe)

  राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे। श्यामा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे॥ ब्रह्मा भी बोले राधे, विष्णु भी बोले राधे। शंकर के डमरू से आवाज आवे राधे राधे॥ गंगा भी बोले राधे, यमुना भी बोले राधे। सरयू की धार से आवाज आवे राधे राधे॥ चंदा भी बोले राधे, सूरज भी बोले राधे। तारो के मंडल से आवाज आवे राधे राधे॥ गैया भी बोले राधे, बछड़ा भी बोले राधे। ढूध की धार से आवाज आवे राधे राधे॥ गोपी भी बोले राधे, ग्वाले भी बोले राधे। बृज की सब गालिओ से आवाज आवे राधे राधे॥ राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे। श्यामा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे॥

भक्ति करता छूटे म्हारा प्राण, प्रभुजी इवु मांगु रे

  Gujarati Hindi  ભક્તિ કરતાં છૂટે મારાં પ્રાણ, પ્રભુજી એવું માંગુ રે भक्ति करता छूटे म्हारा प्राण, प्रभुजी इवु मांगु रे રહે જનમો જનમ તારો સાથ, પ્રભુજી એવું માગુ રે रहे जनमो जनम तारो साथ, प्रभुजी इवु मांगु रे તારું મુખરૂં મનોહર હું જોયા કરું तारु मुखरु मनोहर हुं जोया करुं રાત દિવસ ભજન તારું કર્યા કરું रात दिवस भजन तारु कर्या करुं રહે અંત સમય તારું ધ્યાન, પ્રભુજી એવું માંગુ રે……. रहे अंत समय तारु ध्यान, प्रभुजी इवु मांगु रे……. મારી આશા નિરાશા કરશો નહીં मारी आशा निराशा करशो नहीं મારા અવગુણ હૈયામાં ધરશો નહીં मारा अवगुण हैयामा धरशो नहीं શ્વાસે શ્વાસે રટુ તારું નામ, પ્રભુજી એવું માંગુ રે श्वासे श्वासे रटु तारु नाम, प्रभुजी इवु मांगु रे મારા પાપને તાપ સમાવી લેજો मारा पापने ताप समावी लेजो તારા બાળકને દાસ બનાવી લેજો तारा बालकने दास बनावी लेजो ...