जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना

जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया

जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना॥


बड़भागिन तू मातु यशोदा ऐसो सुत तैनै जायो।

पूरण ब्रह्म जगत को स्वामी सो तैनै गोद खिलायो॥

ताको डार झुलावै पलना॥ तेरो........


धन्य घड़ी जय होय यशोदा मैया कहकर बोले।

नूपुर बाँधि दोऊ चरणन में घुटुवन-घुटुवन डोले॥

पकड़ै बाबा की उँगुरिया॥ तेरो........


बड़ी दूर से दर्शन करने भोले बाबा आयो॥    

मेरो इष्ट जगत को स्वामी, तैंने गोद खिलायो॥

जाके दरश बिना मोहि कल ना॥ तेरो........


जो माँगै सोई ले-ले बाबा भोजन साज जुटाऊँ॥

तेरो वेष देख डरपैगौ बालक नाँय दिखाऊँ॥

मेरौ छोटौ सो ललनवा सोवै पलना॥ तेरो........


माया काल डरै जाके डर भगतन को हितकारी।

अपने लाल को मरम जाने तू भोली महतारी॥

जगमें नाहै याकी तुलना॥ तेरो........


जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया

जुग-जुग जिओ री यशोदा मैया तेरो ललना॥



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